आयतुल्लाह सैयद अली की शहादत पर भीखनपुर कुलवाड़ा में उमड़ा जनसैलाब, कैंडल मार्च निकाल दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

आयतुल्लाह सैयद अली की शहादत पर भीखनपुर कुलवाड़ा में उमड़ा जनसैलाब, कैंडल मार्च निकाल दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

BY: ब्यूरो चीफ   |   EDITED BY: ब्यूरो चीफPUBLISHED: Wed, 04 Mar 2026 08:21 GMT+0530

आयतुल्लाह सैयद अली की शहादत पर भीखनपुर कुलवाड़ा में उमड़ा जनसैलाब, कैंडल मार्च निकाल दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

मुरादाबाद (भीखनपुर कुलवाड़ा)। जनपद के भीखनपुर कुलवाड़ा क्षेत्र में उस समय माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया, जब सैकड़ों की संख्या में अकीदतमंदों ने आयतुल्लाह सैयद अली खामनाई की शहादत के शोक में एक विशाल कैंडल मार्च और शांतिपूर्ण जुलूस निकाला। इस दौरान क्षेत्र के लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर शहीदों को अपनी ओर से खिराज-ए-अकीदत (श्रद्धांजलि) पेश की और उनके द्वारा दिखाए गए हक और सच्चाई के रास्ते पर चलने का संकल्प दोहराया।

शोक सभा और मजलिसी संबोधन

कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय इमामबाड़े में एक शोक सभा के साथ हुई, जिसकी अध्यक्षता मौलाना नबी हैदर ने की। अपने संबोधन में मौलाना ने आयतुल्लाह सैयद अली के जीवन, उनके संघर्ष और मानवता के प्रति उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “मजहब-ए-इस्लाम और इंसानियत के लिए दी गई उनकी कुर्बानियां सदैव याद रखी जाएंगी। उनकी शहादत केवल एक व्यक्ति की क्षति नहीं, बल्कि पूरे समुदाय और न्यायप्रिय लोगों के लिए एक अपूरणीय क्षति है।”

कैंडल मार्च और जुलूस का विवरण

सभा के पश्चात, मौलाना नबी हैदर के नेतृत्व में एक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया। हाथों में मोमबत्तियां थामे हुए नौजवानों और बुजुर्गों ने पूरी सादगी और शांति के साथ मुख्य मार्गों से होते हुए जुलूस निकाला। काले लिबास पहने अकीदतमंदों के चेहरों पर गहरा दुख साफ झलक रहा था। जुलूस के दौरान गमी के तराने (मर्सिया और नौहा) पढ़े गए और शहीद की याद में दुआएं मांगी गईं।

सभी ने सामूहिक रूप से शहीद हुए लोगों के प्रति सम्मान प्रकट किया और इस दुख की घड़ी में एकजुटता का संदेश दिया।

प्रशासनिक सतर्कता और शांतिपूर्ण समापन

क्षेत्र की संवेदनशीलता और भीड़ को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जुलूस अपने निर्धारित मार्ग से होता हुआ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी आयोजकों के सहयोग की सराहना की, जिन्होंने कानून-व्यवस्था का पालन करते हुए इस धार्मिक आयोजन को संपन्न कराया।

कार्यक्रम के अंत में मुजम्मिल अब्बास रिजवी और अन्य वरिष्ठों ने शांतिपूर्वक शिरकत करने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया और शहीद की आत्मा की शांति के लिए सामूहिक दुआ की।

प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

इस कार्यक्रम में क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शिरकत की। जुलूस में मुख्य रूप से निम्नलिखित लोग शामिल रहे:

सलीम हुसैन रिजवी, सरकार हैदर, शमीम अब्बास नकवी, राजा अब्बास नकवी, फरहत अली, राजा रिजवी, अली अब्बास नकवी, राशिद अली नकवी, सागर अब्बास नकवी, शरीफ हसन रिजवी, अनुस रिजवी, एलिकनान रिजवी, शानू रिजवी, बॉबी रिजवी, नूर अली ठेकेदार, फहीम दीवाना और मुजम्मिल अब्बास रिजवी