किसान की बेटी गुलफिजा ने यूपीएससी में पाई 535वीं रैंक, पांचवें प्रयास में हासिल की सफलता

किसान की बेटी गुलफिजा ने यूपीएससी में पाई 535वीं रैंक, पांचवें प्रयास में हासिल की सफलता

BY: ब्यूरो चीफ   |   EDITED BY: ब्यूरो चीफPUBLISHED: Sun, 08 Mar 2026 14:37 GMT+0530

किसान की बेटी गुलफिजा ने यूपीएससी में पाई 535वीं रैंक, पांचवें प्रयास में हासिल की सफलता

मुस्तफा अली (एडवोकेट)  

रामपुर। तहसील शाहबाद से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां एक किसान की बेटी ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। नगर के मोहल्ला खटपुर निवासी मंजू खां की पुत्री गुलफिजा ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 535वीं रैंक प्राप्त कर अफसर बनने का सपना साकार कर लिया है। सीमित संसाधनों के बावजूद उनकी इस उपलब्धि से परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

गुलफिजा की इस सफलता पर उनके माता-पिता गर्व महसूस कर रहे हैं। उनकी उपलब्धि से शाहबाद क्षेत्र के लोगों में भी खुशी की लहर है। गुलफिजा आज पूरे समाज के लिए एक मिसाल बन गई हैं कि यदि मजबूत इरादा और कड़ी मेहनत हो तो किसी भी कठिन लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

पुलिस अधिकारी गुलफ़िजा को बुके भेंट करते हुए

साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली गुलफिजा के पिता मंजू खां खेती-किसानी का काम करते हैं। गुलफिजा चार बहनों में सबसे छोटी हैं, जबकि उनके दो भाई हैं। गुलफिजा बताती हैं कि बचपन से ही उनके मन में देश की सेवा करने का जज्बा था और इसी उद्देश्य से उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। इस सफर में उनकी बड़ी बहन के साथ-साथ माता-पिता का भी अहम योगदान रहा।

गुलफिजा की शुरुआती पढ़ाई शाहबाद तहसील के पटवाई स्थित प्राथमिक विद्यालय से हुई। कक्षा पांच तक की शिक्षा पटवाई के प्राथमिक विद्यालय में प्राप्त करने के बाद उन्होंने कक्षा आठ तक की पढ़ाई शाहबाद नगर के जीजीआईसी से पूरी की। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए वह नैनीताल चली गईं, जहां से उन्होंने इंटरमीडिएट तक की शिक्षा प्राप्त की।

उच्च शिक्षा के लिए गुलफिजा ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से बीए ऑनर्स की डिग्री हासिल की। स्नातक के बाद उन्होंने दिल्ली में दो वर्षों तक एक निजी लिमिटेड कंपनी में नौकरी भी की। कोविड महामारी के दौरान वह वापस शाहबाद लौट आईं और घर पर रहकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने लगीं। गुलफिजा के अनुसार यही समय उनकी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

पांचवें प्रयास में मिली सफलता

सिविल सेवा में जाने का सपना गुलफिजा के मन में इस कदर था कि उन्होंने लगातार प्रयास जारी रखा। पिछले वर्ष उन्होंने चौथे प्रयास में प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा पास कर ली थी, लेकिन इंटरव्यू चरण में सफलता नहीं मिल सकी थी। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और इस वर्ष पांचवें प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर अपने परिवार के साथ पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया।

गुलफिजा की इस उपलब्धि से शाहबाद क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है तथा लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं। उनकी सफलता से क्षेत्र के युवाओं को भी प्रेरणा मिल रही है कि कड़ी मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।