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BY: ब्यूरो चीफ   |   EDITED BY: ब्यूरो चीफPUBLISHED: Thu, 12 Mar 2026 00:56 GMT+0530

सऊदी अरब में दरगाह आला हजरत के मुख्य मुफ्ती असजद रज़ा खान हिरासत में, उमरा के लिए गए थे रियाद; रिहाई को लेकर भारत सरकार से हस्तक्षेप की मांग तेज

नई दिल्ली / बरेली / रियाद, 12 मार्च 2026:

बरेली स्थित दरगाह आला हजरत के प्रमुख सूफी धर्मगुरु Mufti Asjad Raza Khan Qadri को सऊदी अरब की राजधानी Riyadh में स्थानीय अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि उन्हें 9 या 10 मार्च 2026 के आसपास रियाद में रोका गया, जिसके बाद भारत सहित दुनिया भर में उनके अनुयायियों के बीच चिंता का माहौल बन गया है।

खबर सामने आने के बाद कई मुस्लिम संगठनों ने भारत सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि इस मामले को राजनयिक स्तर पर सुलझाया जा सके और मुफ्ती असजद रज़ा खान की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित हो सके।

उमरा के लिए गए थे सऊदी अरब

मिली जानकारी के अनुसार मुफ्ती असजद रज़ा खान कादरी हाल ही में उमरा अदा करने के लिए सऊदी अरब गए थे। इसी दौरान रियाद में स्थानीय प्रशासन ने उन्हें हिरासत में ले लिया। हालांकि सऊदी अधिकारियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि उन्हें किस कारण से रोका गया है।

सूत्रों का कहना है कि यह हिरासत संभवतः दस्तावेज़ी जांच या स्थानीय नियमों से संबंधित प्रक्रिया के तहत हो सकती है, लेकिन इस बारे में आधिकारिक बयान अभी तक सामने नहीं आया है।

 

रजा एकेडमी ने की भारत सरकार से हस्तक्षेप की मांग

रजा एकेडमी ने की भारत सरकार से हस्तक्षेप की मांग
रजा एकेडमी ने की भारत सरकार से हस्तक्षेप की मांग

मामले को लेकर Muslim Students Organisation of India और Raza Academy सहित कई संगठनों ने भारत सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।

इन संगठनों ने भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar और नई दिल्ली स्थित सऊदी दूतावास को पत्र लिखकर कहा है कि रियाद में भारतीय दूतावास के माध्यम से इस मामले की जानकारी जुटाई जाए और मुफ्ती की जल्द रिहाई सुनिश्चित की जाए।

पत्र में कहा गया है कि मुफ्ती असजद रज़ा खान विश्व स्तर पर जाने-माने सूफी विद्वान हैं और उनके करोड़ों अनुयायी भारत और विदेशों में मौजूद हैं।

कौन हैं मुफ्ती असजद रज़ा खान

मुफ्ती असजद रज़ा खान कादरी बरेली के प्रसिद्ध इस्लामी परिवार दरगाह आला हजरत से ताल्लुक रखते हैं। वह महान इस्लामी विद्वान Ahmed Raza Khan Barelvi की परंपरा से जुड़े हैं और पूर्व मुफ्ती-ए-आजम हिंद Akhtar Raza Khan के उत्तराधिकारी (जानशीन) माने जाते हैं।

सुन्नी बरेलवी समुदाय में उन्हें एक प्रमुख धार्मिक मार्गदर्शक के रूप में देखा जाता है और भारत सहित कई देशों में उनके लाखों अनुयायी हैं।

सोशल मीडिया पर मुहिम तेज

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी अभियान तेज हो गया है। हजारों लोग प्रधानमंत्री Narendra Modi और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को टैग कर मुफ्ती असजद रज़ा खान की सुरक्षित रिहाई की मांग कर रहे हैं।

धार्मिक संगठनों का कहना है कि सऊदी प्रशासन को जल्द ही इस मामले में स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए ताकि अफवाहों और आशंकाओं को खत्म किया जा सके।