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अमेरिका के ‘सीज़फायर’ प्रस्ताव पर ईरान की कड़ी शर्तें, कहा—पहले खाड़ी से हटाओ अमेरिकी बेस, फिर होगी बात!

BY: ब्यूरो चीफ   |   EDITED BY: ब्यूरो चीफPUBLISHED: Thu, 12 Mar 2026 12:44 GMT+0530

अमेरिका के ‘सीज़फायर’ प्रस्ताव पर ईरान की कड़ी शर्तें, कहा—पहले खाड़ी से हटाओ अमेरिकी बेस, फिर होगी बात!

तेहरान / वॉशिंगटन: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच युद्धविराम को लेकर नया मोड़ सामने आया है। अमेरिका की ओर से युद्धविराम (सीज़फायर) की पहल पर ईरान ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन बड़ी शर्तें रख दी हैं। ईरानी नेतृत्व ने साफ कहा है कि जब तक उनकी शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक किसी भी तरह का युद्धविराम संभव नहीं है।

ईरान की पहली और सबसे अहम शर्त यह है कि खाड़ी देशों में तैनात अमेरिकी सैन्य ठिकानों और युद्धक संसाधनों को तत्काल हटाया जाए। ईरान का आरोप है कि इन ठिकानों के जरिए क्षेत्र में तनाव और सैन्य दबाव बढ़ाया जा रहा है।

दूसरी शर्त में ईरान ने कहा है कि हालिया हमलों और सैन्य टकराव में देश के बुनियादी ढांचे और आर्थिक संपत्तियों को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई अमेरिका को करनी होगी। तेहरान का कहना है कि बिना मुआवजे के किसी भी समझौते पर सहमति नहीं दी जा सकती।

तीसरी और सबसे कड़ी शर्त यह बताई जा रही है कि युद्धविराम केवल ईरान की शर्तों और उसके तय किए गए ढांचे के तहत ही होगा। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की इन शर्तों से अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के सामने बड़ी कूटनीतिक चुनौती खड़ी हो सकती है। अगर इन शर्तों पर सहमति नहीं बनती है तो मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है और कई देश दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहे हैं। फिलहाल सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अमेरिका ईरान की इन शर्तों को मानने को तैयार होगा या फिर क्षेत्र में टकराव और गहरा जाएगा।