तुर्की का दोहरा खेल बेनकाब! इस्राइल के बमों का निकला तुर्की कनेक्शन, ईरान में मची तबाही
तुर्की का दोहरा खेल बेनकाब! इस्राइल के बमों का निकला तुर्की कनेक्शन, ईरान में मची तबाही
तेहरान / अंकारा / तेल अवीव: मिडिल ईस्ट की जंग के बीच एक ऐसा खुलासा सामने आया है जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। जिस वक्त तुर्की खुले मंचों से इस्राइल की आलोचना कर रहा है, उसी दौरान तुर्की से जुड़ी एक रक्षा कंपनी पर आरोप लगा है कि उसने इस्राइल के लिए ऐसे बम तैयार किए जिनका इस्तेमाल अब ईरान के शहरों पर तबाही बरपाने के लिए किया जा रहा है।
रिपोर्टों के मुताबिक यह वही भारी बम हैं जिन्हें इस्राइली लड़ाकू विमान ईरान के अलग-अलग इलाकों पर गिरा रहे हैं। खुलासे के बाद तुर्की की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आलोचकों का कहना है कि एक तरफ इस्राइल के खिलाफ बयानबाजी और दूसरी तरफ हथियारों की सप्लाई—यह कैसा दोहरा खेल है?
मामला सामने आने के बाद संबंधित कंपनी ने अपने नाम और पहचान को लेकर भी बदलाव किया है, जिससे शक और गहरा गया है। अब कई अंतरराष्ट्रीय हलकों में मांग उठ रही है कि इस पूरे मामले की जांच की जाए।
तुर्की से जुड़े बम सौदे का बड़ा खुलासा
इसी बीच मिडिल ईस्ट में भड़क चुकी भीषण जंग के बीच एक और बड़ा और सनसनीखेज़ खुलासा सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक इस्राइल ईरान पर हमलों में BLU-110A/B (1000-पाउंड) भारी बम का इस्तेमाल कर रहा है, जिनके निर्माण से तुर्की से जुड़ी रक्षा कंपनी REPKON का नाम सामने आया है। इस खुलासे के बाद तुर्की की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
सूत्रों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 2024 में इस्राइल के साथ हुए इस सौदे की कुल कीमत करीब 151.8 मिलियन डॉलर बताई जा रही है। इस सौदे के तहत हजारों BLU-110A/B बम बॉडी इस्राइल को उपलब्ध कराई जा रही हैं।
क्या है BLU-110A/B बम?
सैन्य विशेषज्ञों के मुताबिक BLU-110A/B एक बेहद शक्तिशाली 1000-पाउंड (करीब 450 किलोग्राम वर्ग) का एयर-ड्रॉप बम है, जिसे आधुनिक लड़ाकू विमानों से गिराया जाता है।
इस बम की प्रमुख खासियतें:
- मजबूत कंक्रीट और स्टील संरचनाओं को भेदने की क्षमता
- भूमिगत बंकर और सैन्य ठिकानों को नष्ट करने के लिए इस्तेमाल
- आधुनिक गाइडेंस किट के साथ बेहद सटीक हमला
- बड़े पैमाने पर विस्फोट और भारी तबाही
विशेषज्ञ बताते हैं कि जब इस बम को प्रिसीजन गाइडेंस किट के साथ इस्तेमाल किया जाता है, तो यह किसी भी लक्ष्य को बेहद सटीकता से तबाह कर सकता है।

मासूम बच्चियों पर कहर, स्कूल पर बम गिरा — 187 स्कूली बच्चियों की मौत
ईरान से आने वाली खबरों ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। बताया जा रहा है कि हाल ही में हुए एक भीषण हमले में लड़कियों के एक स्कूल को निशाना बनाया गया, जहां पढ़ाई चल रही थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ ही सेकंड में आसमान से गिरा बम पूरे स्कूल को मलबे में बदल गया। इस हमले में कम से कम 187 मासूम स्कूली बच्चियों की मौत होने का दावा किया जा रहा है।
घटना के बाद पूरे इलाके में मातम छा गया। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में किताबें, बैग और स्कूल यूनिफॉर्म मलबे में बिखरी दिखाई दीं। कई लोगों ने इस हमले को “हैवानियत की इंतहा” बताया है।
ईरान में तबाही का मंजर, 2000 से ज्यादा आम नागरिकों की मौत का दावा
जंग के फैलते दायरे के साथ ईरान के कई शहरों में तबाही का दायरा भी बढ़ता जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक अब तक 2000 से ज्यादा आम नागरिकों की जान जा चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल बताए जा रहे हैं।
तेहरान और उसके आसपास के इलाकों में लगातार हो रही बमबारी से कई रिहायशी इमारतें, बाजार और बुनियादी ढांचे पूरी तरह तबाह हो गए हैं। अस्पतालों में घायलों की लंबी कतारें लगी हुई हैं और कई इलाकों में राहत टीमें मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने में जुटी हैं।
“यह सुन्नी-शिया की लड़ाई नहीं” — एर्दोगान
इसी बीच तुर्की के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdoğan ने संसद में कहा कि मिडिल ईस्ट की जंग को तुरंत रोकना जरूरी है।
उन्होंने कहा:
“अगर यह युद्ध नहीं रुका तो पूरा मिडिल ईस्ट बर्बादी की तरफ चला जाएगा। यहां न सुन्नी है, न शिया — हम सब मुसलमान हैं और अपने भाइयों से अलग नहीं हो सकते।”
हालांकि उनके इस बयान के बावजूद तुर्की से जुड़ी कंपनी के नाम सामने आने के बाद विवाद और गहरा गया है।
