ग्राम पंचायत की जमीन पर सार्वजनिक शादी घर की स्थापना समय की अहम आवश्यकता: एआईएमएफडी

ग्राम पंचायत की जमीन पर सार्वजनिक शादी घर की स्थापना समय की अहम आवश्यकता: एआईएमएफडी

BY: ब्यूरो चीफ   |   EDITED BY: ब्यूरो चीफPUBLISHED: Mon, 16 Mar 2026 11:35 GMT+0530

ग्राम पंचायत की जमीन पर सार्वजनिक शादी घर की स्थापना समय की अहम आवश्यकता: एआईएमएफडी

संवाददाता: अबुशहमा अंसारी

लखनऊ: (प्रेस विज्ञप्ति) ऑल इंडिया माइनॉरिटीज फोरम फॉर डेमोक्रेसी (एआईएमएफडी) ने कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों में गरीब और मध्यम वर्ग के लिए विवाह जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्व का निर्वहन करना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है। महंगे निजी मैरिज हॉल और बढ़ते खर्चों के कारण आम लोगों, विशेष रूप से अल्पसंख्यक एवं कमजोर वर्गों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।

फोरम के सचिव, प्रचार-प्रसार अबुशहमा अंसारी ने इस संदर्भ में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखते हुए मांग की है कि ग्राम पंचायत, नगर पंचायत तथा नगर निकायों की सरकारी जमीन पर स्थायी सार्वजनिक शादी घर/कम्युनिटी हॉल का निर्माण कराया जाए, ताकि गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अपनी सामाजिक रस्में और समारोह सम्मानपूर्वक संपन्न कर सकें।

इसी क्रम में ऑल इंडिया माइनॉरिटीज फोरम फॉर डेमोक्रेसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अम्मार रिजवी ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को ज्ञापन भेजकर फोरम के सचिव अबुशहमा अंसारी की इस पहल की ओर ध्यान आकर्षित कराया है। अपने ज्ञापन में उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगातार बढ़ती आबादी तथा सीमित भूमि उपलब्धता के कारण गरीब और कमजोर वर्गों को शादी-विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ऑल इंडिया माइनॉरिटीज फोरम फॉर डेमोक्रेसी ने उपमुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
ऑल इंडिया माइनॉरिटीज फोरम फॉर डेमोक्रेसी ने उपमुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

ज्ञापन में आगे कहा गया है कि यदि प्रत्येक ग्राम पंचायत, नगर पंचायत तथा नगर निकाय की सरकारी जमीन पर स्थायी सार्वजनिक शादी घर या कम्युनिटी हॉल का निर्माण करा दिया जाए तो यह न केवल जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा, बल्कि सरकार के सिद्धांत “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” को भी वास्तविक रूप प्रदान करेगा और समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा।

फोरम ने समाचार के माध्यम से जिला प्रशासन और पंचायती राज विभाग के अधिकारियों से अपील की है कि ग्राम पंचायतों की खाली या अनुपयोगी जमीनों की पहचान कर वहां सार्वजनिक शादी घर के निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा इसके लिए पर्याप्त बजट और प्रशासनिक स्वीकृति भी प्रदान की जाए।