बिजनौर में गोकशी की अफवाह के पीछे निकली चुनावी रंजिश, प्रतिद्वंद्वी को फंसाने के लिए प्रधान ने रची थी साजिश, 4 गिरफ्तार
प्रदीप पाठक
बिजनौर। चार दिन पूर्व जिले में हुए बछड़े की हत्या के मामले में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिसे शुरुआत में गोकशी का मामला मानकर सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही थी, वह असल में गांव के मौजूदा प्रधान द्वारा अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी को जेल भिजवाने की एक खौफनाक साजिश निकली। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए साजिश रचने वाले प्रधान के भाई समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
चुनावी रंजिश में काटा गया बछड़ा
गौरतलब है कि चार दिन पहले बिजनौर के एक खेत में गाय के बच्चे (बछड़े) का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। घटना के बाद हिंदू संगठनों ने भारी हंगामा करते हुए गांव के ही हसन, शमीम और शफीक समेत कुछ अन्य लोगों पर गोकशी का सीधा आरोप लगाया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जब गहराई से तफ्तीश शुरू की, तो परतें खुलती चली गईं।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि गांव के मौजूदा प्रधान जगपाल की हसन खान के साथ पुरानी राजनीतिक और चुनावी रंजिश चल रही है। हसन खान को कानूनी शिकंजे में फंसाने और उसका राजनीतिक करियर खत्म करने के उद्देश्य से प्रधान ने इस पूरी साजिश को अंजाम दिया था।
खेत मालिक और प्रधान का भाई गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, इस घिनौनी साजिश में शामिल प्रधान के भाई किरणपाल उर्फ लाला, खेत मालिक रामअवतार, ब्रह्मपाल उर्फ संता और फैजान को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, इस मामले में संलिप्त कुछ अन्य आरोपी जुबैर, सलमान और फारुख फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस की अपील: अफवाहों पर न दें ध्यान
पुलिस प्रशासन ने मामले का खुलासा करते हुए स्पष्ट किया कि यह कोई सांप्रदायिक गोकशी का मामला नहीं था, बल्कि शुद्ध रूप से राजनीतिक बदले की भावना से रची गई एक साजिश थी। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखें और सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर फैलने वाली किसी भी तरह की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
