आजम खान को ईडी ले गई, अब्दुल्ला के आवास पर उमड़ा समर्थकों का हुजूम, खुशी के बीच सपाइयों में छाई मायूसी
हाईकोर्ट से जमानत मंजूर होने के बाद 29 अक्टूबर को सैफनी में बंटी थीं मिठाइयां, रिहाई के दिन रामपुर पहुंचे सपा नेता राधेश्याम राही, इलियास खां और वसीम खां
सैफनी। 31 अक्टूबर 2026 समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान और उनके पुत्र पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान की रिहाई के दिन रामपुर में समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। y नेताओं के जेल से बाहर आने की खबर से समर्थकों में उत्साह था, लेकिन रिहाई के बाद घटनाक्रम ने खुशी के माहौल को कुछ हद तक मायूसी में बदल दिया। आजम खान को जेल से बाहर आते ही ईडी की टीम अपने साथ ले गई, जबकि अब्दुल्ला आजम खान अपने आवास पहुंचे, जहां समर्थकों ने उनका स्वागत किया।
इस मौके पर 38 मिलक विधानसभा क्षेत्र शाहबाद से समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रत्याशी राधेश्याम राही अपने साथी इलियास खां और वसीम खां के साथ रामपुर में मौजूद रहे। समर्थक सुबह से ही दोनों नेताओं की रिहाई के इंतजार में जुटे थे। 29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत अर्जी मंजूर होने के बाद सैफनी समेत विभिन्न क्षेत्रों में समर्थकों ने मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई थी। इसके बाद से ही कार्यकर्ताओं को दोनों नेताओं के जेल से बाहर आने का इंतजार था।
शनिवार को जैसे ही आजम खान जेल से बाहर आए, ईडी की टीम उन्हें अपने वाहन में बैठाकर ले गई। इस घटनाक्रम से मौके पर मौजूद समर्थकों में मायूसी दिखाई दी। वहीं, अब्दुल्ला आजम के आवास पहुंचने पर समर्थकों की भारी भीड़ जुटी और उनका स्वागत किया गया।
इस दौरान समाजवादी कार्यकर्ताओं ने मौजूदा सत्ता की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं के साथ राजनीतिक द्वेष की भावना से कार्रवाई की जा रही है। राधेश्याम राही और उनके साथियों ने समर्थकों की एकजुटता को आपसी भाईचारे की मिसाल बताते हुए कहा कि मुश्किल दौर में भी कार्यकर्ताओं का अपने नेताओं के प्रति जुड़ाव कायम है।
