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BY: विशेष संवाददाता   |   EDITED BY: ब्यूरो चीफPUBLISHED: Sun, 01 Nov 2026 06:16 GMT+0530

जेल से रिहाई के तुरंत बाद आजम खान को ED ने हिरासत में लिया, बेटे अब्दुल्ला आजम का छलका दर्द

रामपुर जेल के गेट पर पहुंची प्रवर्तन निदेशालय की टीम, जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ; रविवार को गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किए जाने की तैयारी

रामपुर। 31 अक्टूबर 2026 समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की जेल से रिहाई के कुछ ही देर बाद एक बार फिर कानूनी मुश्किलें बढ़ गईं। रामपुर जेल से बाहर निकलते ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने उन्हें मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हिरासत में ले लिया। वहीं, उनके बेटे एवं पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम रिहाई के बाद अपने घर चले गए। इस घटनाक्रम से सपा समर्थकों और परिवार में नाराजगी का माहौल है।

जानकारी के मुताबिक, 29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम की 10-10 साल की सजा निलंबित करते हुए उन्हें जमानत दे दी थी। अदालत से रिहाई का आदेश मिलने के बाद शनिवार को दोनों करीब 11 महीने बाद रामपुर जेल से बाहर आए। हालांकि, आजम खान की जेल से बाहर आने की खुशी उस समय कानूनी कार्रवाई में बदल गई, जब ईडी की टीम उन्हें अपने साथ ले गई।

मुसलमान होने और यूनिवर्सिटी बनाने की मिल रही सजा: आजम खान

जेल से बाहर आने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान आजम खान काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “अब कहने के लिए बचा ही क्या है? मैं क्या कहूं? कानून खत्म ही हो गया है। मुसलमान होने की सजा है। हमारी गलती बस इतनी थी कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई। हमने बच्चों के लिए स्कूल बनवाए, यही हमारा गुनाह है।”

उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गईं। आजम खान ने अपने बयान के माध्यम से शिक्षा संस्थानों की स्थापना को लेकर अपनी पीड़ा जाहिर की। उनके समर्थकों ने भी इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

416.14 करोड़ रुपये के खर्च की जांच कर रही ईडी

ईडी के मुताबिक, जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन और ठेकों से प्राप्त धन के कथित दुरुपयोग को लेकर जांच की जा रही है। एजेंसी मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और विश्वविद्यालय से जुड़े करीब 416.14 करोड़ रुपये के खर्च में कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की पड़ताल कर रही है। इसी मामले में आजम खान को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय में होना है।

गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेशी की तैयारी

ईडी अधिकारियों के अनुसार, आजम खान से रात में रामपुर या गाजियाबाद में पूछताछ की जा सकती है। पूछताछ के स्थान को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्हें रविवार को गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किए जाने की बात कही गई है। इसके बाद अदालत से मिलने वाले आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।

डासना जेल प्रशासन की ओर से भी स्पष्ट किया गया है कि आजम खान को जेल लाए जाने के संबंध में फिलहाल कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा के मुताबिक, अभी तक इस संबंध में जेल प्रशासन को आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।

अब्दुल्ला आजम का छलका दर्द, बोले- हम जानवर हैं ।

पिता को जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद दोबारा ईडी की हिरासत में लिए जाने पर अब्दुल्ला आजम ने भी गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हम जानवर हैं, जो इतनी बेइज्जती और जिल्लत की जिंदगी के बाद भी जिंदा हैं।”

उनके इस बयान ने पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है। एक ओर आजम खान के समर्थक इसे लगातार कानूनी परेशानियों से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ईडी अपनी जांच को लेकर कार्रवाई कर रही है।

रिहाई के कुछ ही देर बाद बदला घटनाक्रम

करीब 11 महीने बाद जेल से बाहर आए आजम खान के लिए शनिवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा। एक तरफ दो पैन कार्ड मामले में हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद उनकी रिहाई हुई, तो दूसरी तरफ जेल के मुख्य द्वार पर ही ईडी की कार्रवाई ने उनकी आजादी को फिर कानूनी प्रक्रिया के दायरे में ला खड़ा किया। अब सभी की निगाहें रविवार को गाजियाबाद की विशेष अदालत में होने वाली पेशी और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।