Oplus_131072

Oplus_131072

BY: ब्यूरो चीफ   |   EDITED BY: ब्यूरो चीफPUBLISHED: Sun, 01 Mar 2026 10:22 GMT+0530

आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामेनई के इंतकाल की खबर से दुनिया भर में शोक की लहर

तेहरान/अंतरराष्ट्रीय डेस्क: ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामेनई के इंतकाल की खबर सामने आने के बाद देश और दुनिया भर में शोक की लहर दौड़ गई। सरकारी सूत्रों के अनुसार, उनके इंतकाल की आधिकारिक पुष्टि जारी की गई, जिसके बाद तेहरान समेत कई शहरों में ग़मगीन माहौल देखा गया।

आयतुल्लाह ख़ामेनई 1989 से ईरान के सुप्रीम लीडर के पद पर आसीन थे। उन्होंने ईरान की आंतरिक और विदेश नीति में निर्णायक भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में ईरान ने क्षेत्रीय राजनीति में अपना प्रभाव मज़बूत किया और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मसलों पर कड़ा रुख़ अपनाया।

सियासी सफ़र और विरासत

आयतुल्लाह ख़ामेनई का जन्म 1939 में मशहद में हुआ। इस्लामी क्रांति के दौरान वे प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। 1981 में वे ईरान के राष्ट्रपति बने और 1989 में इमाम रुहुल्लाह ख़ुमैनी के इंतकाल के बाद उन्हें सुप्रीम लीडर चुना गया।

तीन दशकों से अधिक समय तक उन्होंने ईरान की सर्वोच्च सत्ता संभाली। उनके दौर में ईरान-अमेरिका संबंधों में तनाव, परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध, और क्षेत्रीय संघर्ष जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं

उनके इंतकाल की खबर पर विभिन्न देशों के नेताओं ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मध्य-पूर्व के कई देशों में शोक संदेश जारी किए गए, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अब ईरान की अगली राजनीतिक प्रक्रिया पर टिकी हैं।

अंतिम रस्में और राष्ट्रीय शोक

सरकारी घोषणा के अनुसार, देश में राष्ट्रीय शोक की अवधि घोषित की गई है। तेहरान में उनकी अंतिम रस्मों की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, जिनमें लाखों लोगों की शिरकत की उम्मीद जताई जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि उनके इंतकाल के बाद ईरान की सियासत एक नए दौर में दाखिल होगी। संविधान के तहत नए सुप्रीम लीडर के चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।