ईरान-इज़राइल युद्ध 2026: ट्रंप की नीतियों ने मिडिल ईस्ट में बढ़ाई हिंसा, ईरान ने जवाबी कार्रवाई की

ईरान-इज़राइल युद्ध 2026: ट्रंप की नीतियों ने मिडिल ईस्ट में बढ़ाई हिंसा, ईरान ने जवाबी कार्रवाई की

BY: ब्यूरो चीफ   |   EDITED BY: ब्यूरो चीफPUBLISHED: Mon, 09 Mar 2026 18:15 GMT+0530

ईरान-इज़राइल युद्ध 2026: ट्रंप की नीतियों ने मिडिल ईस्ट में बढ़ाई हिंसा, ईरान ने जवाबी कार्रवाई की

मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-अमेरिका-इज़राइल युद्ध अब अपने 10वें दिन में प्रवेश कर चुका है। क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और ईरान अपने देश और नागरिकों की सुरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई कर रहा है।

ईरान में नया सुप्रीम लीडर: अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान की एक्सपर्ट्स असेंबली ने उनके बेटे मोज्तबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया। यह ईरान का संप्रभु अधिकार है, और देश अपनी राजनीतिक प्रक्रियाओं के अनुसार अपना नेता चुन रहा है।

इज़राइल और अमेरिका के हमले: अमेरिका और इज़राइल ने बिना किसी उकसावे के ईरान के तेल और ऊर्जा ढांचे पर बड़े हमले किए। तेहरान के कई ऑयल डिपो, रिफाइनरी और फ्यूल स्टोरेज साइट्स को निशाना बनाया गया, जिससे आग और जहरीला धुआं फैला। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि पिछले 9-10 दिनों में 1,255 लोग मारे गए और 12,000 से अधिक घायल हुए।

ईरान के जवाबी हमले: इन हमलों के बाद ईरान ने अपनी संप्रभुता और नागरिक सुरक्षा की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई शुरू की। इज़राइल की ओर कई चरणों में बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे गए। तेल अवीव, पेटाह तिकवा और हाइफा सहित कई इलाकों में हमलों का असर देखा गया, जिसमें कई लोग घायल हुए। ईरान ने गल्फ देशों—यूएई, सऊदी अरब और बहरीन—की ओर भी ड्रोन और मिसाइल दागे, जिनमें अबू धाबी में दो लोग घायल हुए।

ट्रंप और अमेरिका की भूमिका: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक सनकी व्यक्ति के रूप में सामने आए, जिन्होंने “अमेरिका फर्स्ट” का नारा देते हुए इज़राइल फर्स्ट कर दिया। उनकी नीतियों और अल्टीमेटम ने मिडिल ईस्ट को उनकी निजी सनक और रणनीति की वजह से युद्ध में झोंक दिया।

इज़राइल और मोसाद की गतिविधियाँ: इज़राइल और उसकी खुफिया एजेंसी मोसाद दुनिया भर में गुप्त और आक्रामक कार्य कर रही हैं, और उनका उद्देश्य ईरान को कमजोर करना और अपने हितों को आगे बढ़ाना है।

वैश्विक असर: युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 100–120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी असर पड़ा है।

स्थिति: फिलहाल युद्ध रुकने के कोई संकेत नहीं हैं। ईरान अपने नागरिकों और संप्रभुता की रक्षा कर रहा है, जबकि अमेरिका और इज़राइल ने इसे अपने सामरिक और राजनीतिक हितों के लिए बढ़ाया है।

(स्रोत: विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स और लाइव अपडेट्स से संकलित। अधिक अपडेट्स के लिए  hindi.jadidnews.in से जुड़े रहें।)