पूर्व विधायक विजय सिंह के टिकट की चर्चा से सपा में बढ़ी अंदरूनी कलह, कार्यकर्ताओं की नाराजगी का वीडियो वायरल
संवाददाता : मुस्तफा अली एडवोकेट
शाहबाद। समाजवादी पार्टी में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर टिकट वितरण की चर्चाओं के बीच स्थानीय स्तर पर राजनीतिक हलचल तेज होती दिखाई दे रही है। पार्टी कार्यालय के उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। इसी क्रम में पूर्व विधायक विजय सिंह के संभावित टिकट को लेकर कार्यकर्ताओं की नाराजगी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने क्षेत्र की राजनीति को गरमा दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हिम्मतपुर स्थित एक निजी विद्यालय में समाजवादी पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं की एक बैठक आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान पूर्व विधायक विजय सिंह की संभावित दावेदारी को लेकर खुलकर चर्चा हुई। वायरल वीडियो में कई कार्यकर्ता उनके नाम पर असहमति व्यक्त करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में मौजूद कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि यदि आगामी विधानसभा चुनाव में पूर्व विधायक विजय सिंह को पार्टी प्रत्याशी बनाया गया तो पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
बैठक के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने पूर्व विधायक की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में उनकी सक्रियता अपेक्षित स्तर पर नहीं रही है। कई कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पार्टी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की गई, जिससे संगठन कमजोर हुआ है। इसी कारण जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में असंतोष व्याप्त है।
वायरल वीडियो में कुछ कार्यकर्ता यहां तक कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि यदि टिकट वितरण में स्थानीय कार्यकर्ताओं की भावनाओं को नजरअंदाज किया गया तो चुनावी परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। कार्यकर्ताओं का मानना है कि संगठन को मजबूत करने के लिए ऐसे प्रत्याशी को मौका मिलना चाहिए जो लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहा हो और जनता के बीच उसकी मजबूत पकड़ हो।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि किसी भी चुनाव से पहले टिकट को लेकर असंतोष और दावेदारी स्वाभाविक होती है, लेकिन यदि समय रहते संगठनात्मक स्तर पर मतभेद दूर नहीं किए गए तो इसका असर चुनावी तैयारियों पर पड़ सकता है। वायरल वीडियो ने पार्टी के अंदर मौजूद गुटबाजी और असंतोष की चर्चाओं को और हवा दे दी है।
हालांकि पार्टी के किसी जिम्मेदार पदाधिकारी की ओर से अभी तक इस वायरल वीडियो या कार्यकर्ताओं की नाराजगी को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं और राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम जनता भी पार्टी की आगामी रणनीति पर नजर बनाए हुए है।
फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो क्षेत्रीय राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। अब देखने वाली बात होगी कि पार्टी नेतृत्व इस असंतोष को किस प्रकार संभालता है और आगामी चुनाव में टिकट वितरण को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है।
