शाहाबाद सरकारी अस्पताल का बद से बदतर हाल मरीज गंदगी व असुविधाओं से परेशान
मुस्तफा अली एडवोकेट
शाहबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इस समय घोर कुप्रबंधन और बदहाली के दौर से गुजर रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था के कारण मरीजों को इलाज के लिए भारी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। अस्पताल की अव्यवस्था की तस्वीरें सामने आने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
एक्स-रे विभाग में तकनीकी खराबी और लंबी कतारें
अस्पताल के एक्स-रे विभाग की स्थिति सबसे चिंताजनक है। तकनीकी खामियों और मरीजों के अत्यधिक दबाव के कारण यहाँ मरीजों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। तकनीशियन गौरव वार्ष्णेय के अनुसार, सीमित जगह और मरीजों की भारी संख्या के चलते एक्स-रे मशीन बार-बार गर्म होकर तकनीकी खराबी का शिकार हो जाती है। हालांकि मरम्मत के दावे किए गए हैं, लेकिन हकीकत यह है कि मरीजों को घंटों इंतजार करने के बाद भी समय पर जांच नसीब नहीं हो पा रही है।
स्वच्छता के दावों की उड़ रही धज्जियाँ
अस्पताल परिसर में स्वच्छता के मानक पूरी तरह ध्वस्त नजर आ रहे हैं। बायोमेडिकल वेस्ट कलेक्शन शेड के आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। गंदगी के इस ढेर के बीच मरीजों का इलाज होना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह संक्रमण को भी बढ़ावा देने वाला है।
टूटे दरवाजे और लचर बुनियादी ढांचा
अस्पताल की दुर्दशा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महिला वार्ड का मुख्य दरवाजा ही टूटा हुआ है। यह स्थिति न केवल मरीजों की निजता और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता का जीवंत प्रमाण भी है।
परेशान स्थानीय निवासी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे सुबह से ही कतारों में लग जाते हैं, लेकिन अव्यवस्था और मशीनों की खराबी के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है या फिर घंटों तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।
शाहबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की यह स्थिति प्रशासन की लाचारी को बयां कर रही है। मरीजों के स्वास्थ्य के साथ हो रहा यह खिलवाड़ तत्काल सुधार की मांग करता है। स्थानीय जनता ने प्रशासन से अस्पताल की बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने और स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।
