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तीन दिन में शुगर ठीक करने का दावा, फर्जी आयुर्वेदिक दवा गिरोह का भंडाफोड़
बारादरी पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, 14 मोबाइल, तीन लैपटॉप, प्रिंटर और 75 तरह की संदिग्ध दवाएं बरामद
बरेली। डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी को महज तीन दिन में ठीक करने का दावा कर कथित तौर पर लोगों को ऑनलाइन दवाएं बेचने वाले गिरोह का बारादरी थाना पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने सैलानी क्षेत्र में छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया पर विज्ञापन के माध्यम से लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और बिना जरूरी लाइसेंस के कथित आयुर्वेदिक उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री करते थे।
पुलिस की कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से 14 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, दो चार्जर, एक प्रिंटर तथा 75 तरह की संदिग्ध दवाएं बरामद की गई हैं। बरामद उत्पादों में ‘डायबोट डायबिटिक पाउडर’ और ‘ब्रह्म शुगर केयर पाउडर’ के डिब्बे शामिल बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, इन उत्पादों की वैधता, गुणवत्ता, निर्माण और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
सोशल मीडिया पर फैलाते थे ‘तीन दिन में इलाज’ का दावा
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम समेत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे विज्ञापन चलाते थे, जिनमें डायबिटीज को तीन दिन में ठीक करने का दावा किया जाता था। विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को वेबसाइट तक पहुंचाया जाता और इसके बाद फोन पर संपर्क कर दवाओं का ऑर्डर लिया जाता था।
पुलिस के मुताबिक, ग्राहकों का भरोसा हासिल करने के लिए उत्पादों को प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से तैयार किया गया और पूरी तरह सुरक्षित बताया जाता था। इसके बाद कैश ऑन डिलीवरी के माध्यम से ग्राहकों को पार्सल भेजे जाते थे।
फर्जी नामों से संचालित हो रहा था कारोबार
जांच में पुलिस को कई कारोबारी नामों और ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड मिलने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी अलग-अलग नामों से वेबसाइट और ऑनलाइन कारोबार संचालित कर रहे थे। लैपटॉप की जांच में शिपमेंट से संबंधित रिकॉर्ड भी मिला, जिसमें 373 शिपमेंट, 91 डिलीवरी और 90 रिटर्न टू ओरिजिन (RTO) दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
वेबसाइट पर एक उत्पाद की कीमत करीब 1,199 रुपये प्रदर्शित होने और अलग-अलग कूरियर कंपनियों के माध्यम से कैश ऑन डिलीवरी पार्सल भेजे जाने की बात भी जांच में सामने आई है।
तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल
पुलिस के अनुसार, सैलानी क्षेत्र में एक मकान पर कार्रवाई के दौरान साजिद मलिक, इस्लाम और जफर को गिरफ्तार किया गया। तीनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
दवाओं की गुणवत्ता की भी होगी जांच
पुलिस अब बरामद उत्पादों के निर्माण, गुणवत्ता, पैकेजिंग, लाइसेंस और आपूर्ति नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित रूप से इन उत्पादों की बिक्री किन-किन स्थानों पर और कितने लोगों को की गई।
अधिकारियों के अनुसार, मामले में सामने आए डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। गिरोह के फरार बताए जा रहे अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
गंभीर बीमारी में झूठे दावों से सावधान रहने की जरूरत
डायबिटीज जैसी बीमारी के संबंध में सोशल मीडिया पर तीन दिन, सात दिन या किसी निश्चित अवधि में बीमारी को जड़ से खत्म करने के दावे लोगों को गुमराह कर सकते हैं। ऐसे किसी भी दावे के आधार पर दवा शुरू करने या डॉक्टर की बताई दवा बंद करने से पहले योग्य चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है।
बरेली की इस कार्रवाई ने ऑनलाइन स्वास्थ्य उत्पादों के नाम पर किए जा रहे दावों और उनकी विश्वसनीयता की जांच की जरूरत को भी सामने ला दिया है।
