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BY: मुस्तफा अली सैफी   |   EDITED BY: ब्यूरो चीफPUBLISHED: Mon, 21 Sep 2026 16:43 GMT+0530

शाहाबाद सीएचसी का बुरा हाल इमरजेंसी से डॉक्टर गायब

शाहबाद। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार जहां एक तरफ आम जनता और गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर जिम्मेदार अधिकारी और डॉक्टर इन दावों को ठेंगा दिखा रहे हैं।

जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के बावजूद कि हर गरीब को समय पर उच्च स्तरीय इलाज मिले, शाहबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल बद से बदतर हो चुका है। यहां की इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह से वार्ड ब्वॉय और फार्मासिस्ट के भरोसे चल रही हैं, जबकि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अस्पताल से पूरी तरह नदारद थे।

रविवार को एक बेबस मां अपनी तीन वर्षीय मासूम बच्ची को गंभीर हालत में सीएचसी लेकर पहुंची। जब मां इमरजेंसी वार्ड में दाखिल हुई, तो वहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर गायब थे। वार्ड में केवल एक वार्ड ब्वॉय मौजूद था, जिसने बच्ची की हालत देखकर उसे बेंच पर लेटा दिया। इसके बाद काफी देर तक पीड़ित परिवार डॉक्टर साहब के आने का इंतजार करता रहा, लेकिन डॉक्टर की कुर्सी खाली ही रही। मासूम बच्ची दर्द से तड़पती रही और डॉक्टर का कहीं अता-पता नहीं था।

अंत में जब डॉक्टर साहब नहीं पहुंचे, तो वार्ड ब्वॉय ने खुद फोन कॉल कर फार्मासिस्ट को अस्पताल बुलाया। इसके बाद फार्मासिस्ट ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह मासूम बच्ची को प्राथमिक उपचार दिया। शाहबाद सीएचसी की पूरी व्यवस्था पोल खोलकर रख दी है। मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले इन डॉक्टरों की लापरवाही इस बात का साफ सबूत है कि उन्हें न तो शासन का डर है और न ही तड़पते हुए मरीजों के प्रति कोई संवेदनशीलता।

अब देखना यह होगा कि इस गंभीर लापरवाही पर उच्चाधिकारी क्या ठोस कदम उठाते हैं। एडी हेल्थ डॉ आशु अग्रवाल का कहना है कि इस तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए, मै खुद भी एक दिन शाहबाद सीएचसी का दौरा करूंगा।