मुस्लिमों के प्रति नफरत, आजम खां परिवार और पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
वीरेंद्र गोयल के कार्यालय में एडवोकेट तारिक परवेज के साथ मौजूदा हालात पर चर्चा, महंगाई और लोकतांत्रिक मूल्यों का मुद्दा भी उठा
रामपुर। 23 अक्टूबर 2026 देश के मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक हालात को लेकर समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र गोयल के कार्यालय पर एडवोकेट तारिक परवेज के साथ गंभीर विचार-विमर्श हुआ। चर्चा में मुस्लिमों के प्रति कथित नफरत, पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खां सहित परिवार से जुड़े मामलों, मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, वोट चोरी के आरोप, चंदे से जुड़े सवालों और महंगाई जैसे मुद्दों पर विचार रखे गए।
बैठक में दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान नौजवानों के साथ कथित पुलिस बर्बरता का मुद्दा भी उठाया गया। इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध दर्ज कराने का अधिकार महत्वपूर्ण है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ नागरिकों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा करना भी जरूरी है। किसी भी कथित ज्यादती की निष्पक्ष जांच कर जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
चर्चा के दौरान आजम खां परिवार से जुड़े मामलों और जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर उठने वाले सवालों के साथ राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों पर भी मंथन किया गया। वक्ताओं ने महंगाई और आम जनता की परेशानियों को गंभीर विषय बताते हुए कहा कि जनहित के मुद्दों पर सरकारों और जिम्मेदार संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए।
वीरेंद्र गोयल ने मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और लोकतांत्रिक मूल्यों को प्राथमिकता नहीं दी गई, तो परिस्थितियां और गंभीर हो सकती हैं। देश की मजबूती के लिए नफरत के बजाय सद्भाव, न्याय और संविधान में निहित मूल्यों को मजबूत करना आवश्यक है।
बैठक में देश की वर्तमान परिस्थितियों, सामाजिक एकता, नागरिक अधिकारों और आम आदमी से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई।
