स्नातक एमएलसी चुनाव में परिषदीय शिक्षकों को भी मिले उम्मीदवार बनने का अधिकार
SC/ST BTWA ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 27 में संशोधन कर दोहरा मापदंड खत्म करने की उठाई मांग
रामपुर। 24 अक्टूबर 2026 SC/ST BTWA रामपुर के जिला अध्यक्ष राम बहादुर गौतम ने स्नातक एमएलसी चुनाव में परिषदीय शिक्षकों के साथ भेदभाव किए जाने का आरोप लगाते हुए उन्हें भी उम्मीदवार बनने का समान अधिकार देने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि स्नातक एमएलसी चुनाव में परिषदीय शिक्षक मतदाता के रूप में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं, लेकिन उम्मीदवार बनने के मामले में उन्हें समान अवसर नहीं मिल रहा है। उनके मुताबिक, माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को उम्मीदवार बनने का अधिकार प्राप्त है, जबकि परिषदीय शिक्षक इस अधिकार से वंचित हैं।
राम बहादुर गौतम ने कहा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 27 में निर्धारित ‘निर्दिष्ट संस्थान’ संबंधी प्रावधान के कारण परिषदीय शिक्षकों को उम्मीदवार बनने में बाधा आती है। उन्होंने कहा कि परिषदीय शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की बुनियाद हैं और विद्यालयों में संसाधनों की कमी, गैर शैक्षणिक कार्यों का बोझ, शिक्षण व्यवस्था में सुधार तथा विभागीय समस्याओं जैसे मुद्दों को विधान परिषद तक पहुंचाने का अवसर उन्हें भी मिलना चाहिए।
संगठन ने मांग की कि संवैधानिक प्रक्रिया के तहत संबंधित प्रावधान में संशोधन कर परिषदीय शिक्षकों को भी स्नातक एमएलसी चुनाव में उम्मीदवार बनने का समान अधिकार दिया जाए, ताकि इस कथित दोहरे मापदंड को समाप्त किया जा सके।
