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BY: विशेष संवाददाता   |   EDITED BY: मोहम्मद राशिद सैफीPUBLISHED: Sat, 24 Oct 2026 23:17 GMT+0530

रामपुर में फर्जी बिलों से 1.10 लाख की धोखाधड़ी का आरोप, एक आरोपी गिरफ्तार

मुंबई से पकड़े गए संजय झा को कोर्ट ने भेजा जेल, वाहनों के किराये और भुगतान संबंधी दस्तावेजों में गड़बड़ी का मामला

रामपुर। 24 अक्टूबर 2026 कोतवाली सिविल लाइंस पुलिस ने फर्जी बिल और दस्तावेजों के जरिए कथित धोखाधड़ी के मामले में आरोपी संजय झा को मुंबई से गिरफ्तार किया है। ट्रांजिट रिमांड पर रामपुर लाए जाने के बाद शनिवार दोपहर करीब तीन बजे उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

शिकायतकर्ता कंपनी के जनरल मैनेजर के मुताबिक, शुरुआती जांच में करीब 11,750 रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है। उनका आरोप है कि मामले की निष्पक्ष जांच होने पर कथित धोखाधड़ी की रकम और बढ़ सकती है। कंपनी ने प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की भी मांग की है।

एएसपी अनुराग सिंह ने शनिवार शाम बताया कि करीब तीन महीने पहले कोतवाली सिविल लाइंस में फर्जी बिल और दस्तावेज लगाकर धोखाधड़ी किए जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले में एक आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अन्य तथ्यों की पड़ताल कर रही है।

शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से तरुण शर्मा ने आरोप लगाया कि मामले में राजीव झा, संजय झा, सुशील पांडे और विमल पांडे समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। शिकायत के अनुसार, कंपनी के नाम पर परिवहन संबंधी भुगतान और वाहनों के किराये के दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी की गई

शिकायत से संबंधित दस्तावेजों के अवलोकन में वाहनों की संख्या, किराये के भुगतान और चालान से जुड़ी विसंगतियों का उल्लेख किया गया है। कंपनी की ओर से उपलब्ध कराई गई एक रिपोर्ट में 362 वाहनों के परिवहन का विवरण बताया गया, जबकि दूसरी रिपोर्ट में 338 वाहनों का उल्लेख होने की बात कही गई है। इसके अलावा शेष 24 वाहनों के किराये और संबंधित दस्तावेजों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

कंपनी ने इन तथ्यों के आधार पर पुलिस से मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। एएसपी अनुराग सिंह के अनुसार, इस मामले में 23 अक्टूबर 2026 को अपराध संख्या 280/2026 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। उन्होंने कहा कि विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों तथा साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।