नारी शक्ति मंच के डांडिया उत्सव में झूमीं महिलाएं, भक्ति और संस्कृति का दिखा संगम
स्थापना दिवस और नवरात्र के उपलक्ष्य में हुआ आयोजन, भजन-कीर्तन, डांडिया नृत्य, प्रतियोगिताओं और लकी ड्रॉ ने बांधा समा
बिलासपुर/रामपुर। 25 अक्टूबर 2026 नगर के सिनेमा रोड स्थित एक परिसर में नारी शक्ति मंच की ओर से स्थापना दिवस और नवरात्र के पावन अवसर पर भव्य डांडिया उत्सव का आयोजन किया गया। उत्सव में सौ से अधिक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भक्ति संगीत, भजन-कीर्तन और डांडिया नृत्य के बीच महिलाओं ने जमकर आनंद लिया। पूरे कार्यक्रम में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभांरभ शनिवार देर शाम मुख्य अतिथि कुसुम अग्रवाल ने माता रानी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। विशिष्ट अतिथि कविता खुराना, रजनी शर्मा और मीरा अग्रवाल ने भी दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंच की संस्थापक मधुबाला गुगलानी के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में दिव्या अग्रवाल ने राम चौपाई प्रस्तुत की, जबकि शालिनी सक्सेना, प्रीति अग्रवाल और मोनिका सैनी ने भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्तिरस से सराबोर किया। इसके बाद महिलाओं ने सामूहिक कीर्तन कर माता रानी का गुणगान किया।
उत्सव में सजी-धजी महिलाओं ने डांडिया नृत्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कोरियोग्राफर कार्तिक देवल ने महिलाओं को विभिन्न मुद्राओं और ताल के साथ डांडिया नृत्य कराया। करीब दो घंटे तक चले नृत्य कार्यक्रम में महिलाओं ने उत्साह के साथ भागीदारी की। इसके अलावा मनोरंजक खेल और विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जबकि लकी ड्रॉ के माध्यम से भी प्रतिभागियों को उपहार दिए गए।
उत्सव संयोजक एवं मंच की संस्थापक मधुबाला गुगलानी तथा अन्य पदाधिकारियों ने अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के समापन पर महिलाओं ने भोजन-प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर मंच की अध्यक्ष वंदना अग्रवाल, सचिव अनुराधा प्रकाश, जसवीर कौर, परमजीत कौर, साधना सक्सेना, सीमा अग्रवाल, श्वेता अग्रवाल, बबीता जैन, पूजा शुक्ला, नेहा कश्यप, श्रद्धा जैन, श्रुति अग्रवाल, ज्योति निश्चल, नीतू जैन, ऊषा भारद्वाज, मंजू मित्तल, अनीता मित्तल, संजना राठौर, डिंपल अग्रवाल, दीपा रस्तोगी, शालू जैन, संतोष गोयल और प्रिया अग्रवाल सहित सौ से अधिक महिलाएं मौजूद रहीं।
