(विशेष बिज़नेस/टेक रिपोर्ट)
यूरोपीय संघ (EU) की नियामक प्राधिकरण ने इंटरनेट दिग्गज Google पर अपने Google Shopping शॉपिंग सेवा को अनुचित तरीके से बढ़ावा देने के आरोप में रिकॉर्ड €2.42 बिलियन (लगभग ₹20,000 करोड़ से ज़्यादा) का भारी जुर्माना लगाया है।
यूरोपीय आयोग (European Commission) ने कहा कि Google ने अपने सर्च इंजन पर अवैध रूप से अपने ही शॉपिंग परिणामों को प्राथमिकता दी, जिससे प्रतियोगियों को नुकसान पहुँचा और उपभोक्ताओं को वास्तविक विकल्पों से वंचित रखा गया।
क्या हुआ था?
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Google ने अपने खोज परिणामों में Google Shopping को ऊपर दिखाया, जबकि प्रतिस्पर्धी साइटों के शॉपिंग लिंक को कम प्राथमिकता दी।
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यूरोपीय नियमन के अनुसार यह अनुचित बाज़ार वर्चस्व का दुरुपयोग माना गया।
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आयोग ने पाया कि इससे प्रतिस्पर्धा बाधित हुई और उपभोक्ताओं को वास्तविक विकल्प खोजने में कठिनाई हुई।
जुर्माने का इतिहास और पालन
यह जुर्माना 2017 में लगाया गया था और Google ने इसे अदालत में चुनौती दी थी। लेकिन यूरोपीय न्यायालय ने 2024 में Google की अपील खारिज कर दी और जुर्माने को बनाए रखने का फैसला दिया।
इस प्रकार यह जुर्माना EU द्वारा लगाए गए सबसे बड़े तकनीकी दंडों में से एक माना जाता है, जो बड़ी तकनीकी कंपनियों के लिए स्पष्ट संदेश देता है कि डिजिटल प्रतियोगिता कानून का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्या इसके बाद क्या बदला?
Google को निर्देश दिया गया कि वह अपनी शॉपिंग प्रदर्शित करने की नीति में पारदर्शिता और समान अवसर लाए, ताकि अन्य तुलना साइटों को भी बराबरी का मौका मिले।
इसके अलावा यह मामला भी याद दिलाता है कि EU डेटा, विज्ञापन और डिजिटल मार्केट्स पर सख़्त नियम लागू करने में अग्रणी है — न केवल शॉपिंग के लिए, बल्कि तकनीक के अन्य क्षेत्रों में भी।
क्या मतलब है यह फैसले का?
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प्रभाव: ऑनलाइन शॉपिंग और खोज इंजन बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के संकेत
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संदेश: बड़ी कंपनियों को अपने प्रतिद्वंद्वियों के साथ समान व्यवहार करना होगा
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भूमिका: EU डिजिटल बाज़ारों में उपभोक्ता हितों की सुरक्षा करना चाहता है
