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BY: ब्यूरो चीफ   |   EDITED BY: ब्यूरो चीफPUBLISHED: Sat, 28 Feb 2026 15:07 GMT+0530

 मध्य पूर्व में व्यापक सैन्य टकराव: ईरान पर हमला, पलटवार में दागी गईं मिसाइलें, क्षेत्र में हाई अलर्ट

तेहरान/तेल अवीव/वॉशिंगटन | अंतरराष्ट्रीय डेस्क:
मध्य पूर्व में हालात तेजी से बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं। क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हालिया दिनों में और की ओर से ईरान के कथित सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर लक्षित कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के बाद ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पलटवार की घोषणा की और जवाबी मिसाइल हमलों की पुष्टि की है।


तेहरान में धमाके, सुरक्षा व्यवस्था सख्त

राजधानी समेत कई प्रमुख शहरों में देर रात तेज धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आसमान में रोशनी और धुएँ के गुबार देखे गए। स्थानीय प्रशासन ने तुरंत आपात प्रोटोकॉल लागू करते हुए संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी।

सरकारी सूत्रों ने कहा कि देश की वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय है और संभावित खतरों को निष्क्रिय करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि नुकसान के पैमाने और हताहतों की संख्या पर आधिकारिक विवरण सीमित रखा गया है।


ईरान का पलटवार: “करारा जवाब”

ईरानी रक्षा प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि देश की संप्रभुता पर हमला “अस्वीकार्य” है और इसका जवाब दिया जा चुका है।
जवाबी कार्रवाई के तहत कथित तौर पर बैलिस्टिक और मध्यम दूरी की मिसाइलें दागी गईं, जिनका लक्ष्य विरोधी सैन्य प्रतिष्ठान और रणनीतिक ठिकाने बताए गए हैं।

ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि हमले जारी रहे तो प्रतिक्रिया और व्यापक होगी। विश्लेषकों का मानना है कि यह जवाबी कार्रवाई क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को सीधे चुनौती देने का संकेत है।


 इज़राइल और अमेरिका की प्रतिक्रिया

इज़राइली अधिकारियों ने कहा है कि कार्रवाई “रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा” के मद्देनज़र की गई। नागरिकों को एहतियातन सुरक्षित शेल्टरों के पास रहने की सलाह दी गई है।

अमेरिकी प्रशासन ने भी बयान जारी कर कहा कि उनका उद्देश्य “खतरे को सीमित करना” और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखना है। अमेरिकी सैन्य अड्डों पर भी सुरक्षा स्तर बढ़ा दिया गया है।


हवाई यातायात और क्षेत्रीय प्रभाव

तनाव बढ़ने के बाद खाड़ी क्षेत्र के कई देशों ने अपने हवाई मार्गों की समीक्षा शुरू कर दी है। कुछ अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने उड़ानों के मार्ग बदले या अस्थायी रूप से रद्द किए।

समुद्री मार्गों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है, क्योंकि यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।


 वैश्विक चिंता और कूटनीतिक प्रयास

बढ़ते टकराव पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने चिंता जताई है। ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और संवाद के माध्यम से समाधान खोजने की अपील की है।

यूरोप, एशिया और खाड़ी देशों के नेताओं ने भी कूटनीतिक बातचीत की जरूरत पर जोर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हालात काबू में नहीं आए तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार, शेयर बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।


 सैन्य विश्लेषण: क्या संकेत दे रहे हैं हालात?

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति “सीमित लेकिन तीव्र सैन्य टकराव” की है।

  • दोनों पक्ष प्रत्यक्ष युद्ध से बचते हुए रणनीतिक संदेश देना चाहते हैं।
  • मिसाइल और हवाई कार्रवाई से शक्ति प्रदर्शन किया जा रहा है।
  • साइबर और ड्रोन गतिविधियों की आशंका भी जताई जा रही है।

हालांकि, निरंतर पलटवार की स्थिति व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकती है।

अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले 48 से 72 घंटे बेहद महत्वपूर्ण होंगे। यदि कूटनीतिक माध्यम सक्रिय नहीं हुए तो सैन्य कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।

फिलहाल क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी है और वैश्विक समुदाय स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है।


(जदीद न्यूज़ | अंतरराष्ट्रीय ब्यूरो रिपोर्ट)
स्थिति तेजी से बदल रही है। आधिकारिक पुष्टि और नए घटनाक्रम सामने आते ही पाठकों को ताज़ा जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।