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BY: ब्यूरो चीफ   |   EDITED BY: ब्यूरो चीफPUBLISHED: Tue, 24 Feb 2026 15:25 GMT+0530

टी-20 विश्व कप: वेस्ट इंडीज़ की तूफानी जीत से भारत की राह मुश्किल

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में सोमवार को खेले गए मुकाबले में वेस्ट इंडीज़ ने ज़िम्बाब्वे के खिलाफ धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए टी-20 इतिहास के सबसे बड़े स्कोरों में से एक खड़ा कर दिया। कैरेबियाई टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 254 रन बनाए और 107 रन से विशाल जीत दर्ज की।

मैदान पर चौकों और छक्कों की झड़ी लगी रही, जिससे दर्शकों को रोमांचक क्रिकेट देखने को मिला। हालांकि इस शानदार बल्लेबाज़ी का असर भारतीय टीम की सेमीफाइनल की उम्मीदों पर पड़ता दिख रहा है।

ग्रुप-1 की स्थिति

सुपर-8 चरण के ग्रुप-1 में भारत, दक्षिण अफ्रीका, वेस्ट इंडीज़ और ज़िम्बाब्वे शामिल हैं। अब तक सभी टीमों ने एक-एक मुकाबला खेला है। वेस्ट इंडीज़ और दक्षिण अफ्रीका को जीत मिली है, जबकि भारत और ज़िम्बाब्वे को हार का सामना करना पड़ा है।

नेट रन रेट के आधार पर वेस्ट इंडीज़ (+5.35) शीर्ष पर है, जबकि दक्षिण अफ्रीका (+3.80) दूसरे स्थान पर है। भारत का नेट रन रेट -3.80 है और वह तीसरे स्थान पर है। ज़िम्बाब्वे -5.35 के साथ चौथे स्थान पर है।

शिमरोन हेटमायर ने 34 गेंदों पर 7 छक्कों और 7 चौकों के साथ 85 रन बनाए

भारत के लिए क्या हैं समीकरण?

भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए अपने बचे हुए दोनों मैच जीतने होंगे। लेकिन सिर्फ जीत काफी नहीं होगी। अन्य टीमों के नतीजों पर भी नजर रखनी होगी।

क्रिकेट विश्लेषकों के अनुसार यदि दक्षिण अफ्रीका, वेस्ट इंडीज़ को हरा देती है तो भारत की उम्मीदें बनी रह सकती हैं। लेकिन यदि वेस्ट इंडीज़ जीत दर्ज करती है तो भारत के लिए समीकरण बेहद जटिल हो जाएंगे।

ऐसी स्थिति भी बन सकती है जिसमें तीन टीमें दो-दो मैच जीत लें। तब फैसला नेट रन रेट के आधार पर होगा और वर्तमान हालात में भारत इस मामले में काफी पीछे है।

भारत की बड़ी हार बनी चिंता

भारत को सुपर-8 के अपने पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के हाथों 76 रन से करारी शिकस्त मिली थी। टी-20 प्रारूप में यह भारत की सबसे बड़ी हार रही। इसी बड़े अंतर की हार के कारण नेट रन रेट पर गंभीर असर पड़ा और टीम मुश्किल परिस्थिति में पहुंच गई।

वेस्ट इंडीज़ का शानदार फॉर्म

वेस्ट इंडीज़ इस टूर्नामेंट में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन कर रही है। टीम पहले ही स्कॉटलैंड, इंग्लैंड, नेपाल और इटली जैसी टीमों को मात दे चुकी है और अब ज़िम्बाब्वे पर बड़ी जीत के साथ उसने अपनी दावेदारी और मजबूत कर ली है।

आगे की राह

भारत के लिए अब हर मुकाबला ‘करो या मरो’ जैसा है। टीम को न केवल जीत दर्ज करनी होगी बल्कि बड़े अंतर से जीत हासिल करनी होगी ताकि नेट रन रेट में सुधार हो सके। साथ ही अन्य मैचों के परिणाम भी भारत के पक्ष में जाने जरूरी होंगे।

सेमीफाइनल की दौड़ अब बेहद रोमांचक हो चुकी है और आने वाले मुकाबले ग्रुप-1 की तस्वीर पूरी तरह बदल सकते हैं।